STORYMIRROR

Sarswati Aarya

Fantasy Inspirational

3  

Sarswati Aarya

Fantasy Inspirational

सिपाही का इंतजार

सिपाही का इंतजार

1 min
194

मुझे भी इंतजार है

उन शब्दों का जो मेरी जुबान से

माँ व बाबूजी बनकर निकलते हैं

मुझे भी इंतजार है उन कदमों का

जो मेरे घर की ओर चलते हैं

मुझे भी इंतजार है उन आँखों का 

जो बरसों से सूनी राहों पर

मुझे देखकर खुश हो जायेंगी

मुझे भी इंतजार है उन बांहों का

जो मुझे सीने से लगाकर बेटा बुलायेंगी ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy