STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Inspirational

2  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Inspirational

" सिमट गई सब वाटिका "

" सिमट गई सब वाटिका "

1 min
51

वाटिका उद्यान पार्क, लगते सुंदर खास

देकर साफ हवा हमें, खूब बढ़ाते सांस

खूब बढ़ाते सांस, मनोरम सबको लगते

खिले हुए है फूल, खुशबू  सब में भरते

बढ़ा धरा पर भार, बनी भवनों की नाटिका

देख रहें हम लोग, सिमट गई सब वाटिका।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy