STORYMIRROR

Sujata Khichi

Inspirational

3  

Sujata Khichi

Inspirational

सीमा में रहो

सीमा में रहो

1 min
213

तूफान अपनी सीमा में रहो हम वो चिराग है

जिसे तेज आंधियों में भी जलने का हुनर आता है।

बादलों मत डराओ हमें अपनी तेज बारिश से

हम वो परिंदे हैं जो तुम्हारी ऊंचाई से ऊंचा उड़ना जानता है।

सूरज अपनी गर्मी से मत जलाओ हमें हम उन योद्धा के वारिस हैं

जिन्हें तुम्हें गटकना भी आता है।

सर्दियों की बर्फीली हवा मत सताओ हमको

हम वो मानव हैं जिसे शुक्रगुजार को भी झेलना आता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational