STORYMIRROR

Vidya Sharma

Inspirational

3  

Vidya Sharma

Inspirational

तिनका तिनका

तिनका तिनका

1 min
396

तिनका तिनका बना घोंसला

बूंद बूंद से सागर,

ऐसे ही जीवन बनता है,

देख लो आजमा कर।


छोटी-छोटी ईटों से,

इक दिन घर बन जाता है।

छोटे-छोटे कदमों से,

मंजिल मिल जाती है।


एक छोटा सा बीज एक दिन,

पेड़ बना विशाल।

छोटी छोटी बातें भी,

करती कभी कमाल।


छोटे-छोटे पंखों से ही,

घूमे चिड़िया सारा आकाश।

छोटे-छोटे जुगनू से ही,

होता है रोशन संसार।


बात है बस इतनी सी,

कुछ भी नहीं छोटा,

छोटे छोटे वर्णों से मिलकर,

पोथी बन जाती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational