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Vidya Sharma

Inspirational

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Vidya Sharma

Inspirational

तिनका तिनका

तिनका तिनका

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तिनका तिनका बना घोंसला

बूंद बूंद से सागर,

ऐसे ही जीवन बनता है,

देख लो आजमा कर।


छोटी-छोटी ईटों से,

इक दिन घर बन जाता है।

छोटे-छोटे कदमों से,

मंजिल मिल जाती है।


एक छोटा सा बीज एक दिन,

पेड़ बना विशाल।

छोटी छोटी बातें भी,

करती कभी कमाल।


छोटे-छोटे पंखों से ही,

घूमे चिड़िया सारा आकाश।

छोटे-छोटे जुगनू से ही,

होता है रोशन संसार।


बात है बस इतनी सी,

कुछ भी नहीं छोटा,

छोटे छोटे वर्णों से मिलकर,

पोथी बन जाती है।


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