STORYMIRROR

नविता यादव

Inspirational

3  

नविता यादव

Inspirational

जीना सीख लिया

जीना सीख लिया

1 min
351

जिंदगी खेल नहीं है, अब जाके

समझ आया हमें

छोड़ दिया अब हमने, दूसरों

से उम्मीदें लगाना

समझ गए हैं भली भांति,

ये रिश्ते नाते सिर्फ़ एक माया है


जीना सीख लिया है अब अपने लिये भी

कौन क्या सोचेगा ?

ये सोचना अब हमें न गवारा है

जीयेंगे अब अपने लिए भी ,

अपनी सोच को हमने बदल डाला हैं।।


कर्तव्य पथ पर अग्रसर है,

स्वभाव भी शालिनता भरा है,

जिम्मेदारियों से मुंह ना मोड़ेगे

पर किया अपने आप से भी एक वादा है


जिंदगी लड्डू नहीं है, ये समझ गए हैं,

और जिन्होंने ये एहसास कराया उनके

शुक्रगुजार भी है,

अच्छा है उन रिश्तों ने समय रहते

आँखें खोल दी

आज फिर से अपने पैरों पे खड़े होने की

हमने ठाना है।।


ठोकरें लगने के बाद ही इंसान सीखता है

तो हम भी सीख लिए,

शिकायतें किसी से न करेंगे,

बस जिंदगी में कुछ मुकाम हासिल कर

अपनी कामयाबी से उन सबका

मुंह बंद करेंगे।।


बहुत संभाल लिए सब रिश्ते,

अब अपने आप को संभालना है

अपने आप को आगे बढ़ा, अपना

आने वाला कल उज्जवल

बनाना है।।


जब तक आपकी रूह आपके साथ है

तब तक जिंदगी से आपका नाता है

नामुमकिन कुछ भी नहीं ,

अब अपने लिए कुछ कर गुजरना है।।


जिंदगी खेल नहीं अब जाके समझ

आया हमें

जिंदगी एक वरदान है,

उसको जीना सीख लिया हमने।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational