STORYMIRROR

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

4  

Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

श्याम झलक प्यारी सी

श्याम झलक प्यारी सी

1 min
316

बांके बिहारी की, 

दिखें एक झलक प्यारी सी..

मन के मुरारी की, 

बस एक झलक प्यारी सी..


देखूं मैं हर पल हीं, 

राहें बिहारी की..

मन में रहें बस वहीं, 

हदय मुरारी हीं..


नयनों के तारे की, 

दिखें एक झलक प्यारी सी..

मोहन प्यारे की, 

बस एक झलक प्यारी सी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract