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अनामिका वैश्य आईना

Tragedy


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अनामिका वैश्य आईना

Tragedy


श्रम जीवी

श्रम जीवी

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हे श्रमजीवी! श्रम करना ही तेरा भाग्य है

जीविका चलाने हेतु श्रम ही तेरा साध्य है..


विचलित न हो तुम अनवरत घोर परिश्रम से-

श्रम से ही तेरा ये रिश्ता सखे सौहार्द है..


प्रभुजी ने तेरे संग बहुत अनर्थ किया

पारिश्रमिक पर ही निर्भरता केवल बाध्य है.. 


उपास्य योग्य है ये घोर परिश्रम तेरा

निरूत्तर दर्दों में डूबा हर एक भाव है..


आराधना होनी चाहिए जग में ईश्वर संग 

श्रम शक्ति को सौगात ये बात प्रगाढ़ है.


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