Sanjay Mehta - Bhopal
Tragedy
पहले
मैं शरीर बना
फिर उसका गुलाम
अब
कुत्ता बन
देहरी पर
हांफता हूं।
शरीर
मौन
गांव
भेड़ बकरी
फाँसीवाद के ख...
आदमी
उज्जवल प्रकाश
रंगमंच
ज़हर
साधु
बड़े हाथी कारण,छोटे जीवो का चारा खा गया तू भजनलाल। बड़े हाथी कारण,छोटे जीवो का चारा खा गया तू भजनलाल।
काश! कि आप तक पहुंच जाती मेरी कराहने की आवाज। काश! कि आप तक पहुंच जाती मेरी कराहने की आवाज।
जन्म-मृत्यु के बीच झूलता मानव, जन्म से न कोई देव न दानव। जन्म-मृत्यु के बीच झूलता मानव, जन्म से न कोई देव न दानव।
मगर जाते-जाते ही अपनी चाल चल गये। देश को दो हिस्सों में बांट गए। मगर जाते-जाते ही अपनी चाल चल गये। देश को दो हिस्सों में बांट गए।
विरोधी महाफेकु कह के हमे पुकारते, ऑल्मपिक में गोल्ड कैसे हम पाते. विरोधी महाफेकु कह के हमे पुकारते, ऑल्मपिक में गोल्ड कैसे हम पाते.
हर एक बेटी देखे ये सपना कब उसके माँ बाप कहे उसे अपना। हर एक बेटी देखे ये सपना कब उसके माँ बाप कहे उसे अपना।
पूरा देश साथ है तुम भी साथ रहो नियमों को शिद्दत से निभाने में मदद करो। पूरा देश साथ है तुम भी साथ रहो नियमों को शिद्दत से निभाने में मदद करो।
इंसान की करतूतों से, मौसम बदल गये, कभी अधिक बारिश, और कभी सूखा पड़ गया। इंसान की करतूतों से, मौसम बदल गये, कभी अधिक बारिश, और कभी सूखा पड़ गया।
उन अधजल मोम के टुकड़ों को कसके हथेली में था पकड़ा उन अधजल मोम के टुकड़ों को कसके हथेली में था पकड़ा
तुम्हारा बेटी होना कोई अपराध नहीं। हमने तुम्हें अपराधी बनाया है। तुम्हारा बेटी होना कोई अपराध नहीं। हमने तुम्हें अपराधी बनाया है।
निवास खण्ड माता प्रकृति वेदी खण्ड माता प्रकृति निवास खण्ड माता प्रकृति वेदी खण्ड माता प्रकृति
रुला गया सबको राजू हास्य,कॉमेडी का काजू। रुला गया सबको राजू हास्य,कॉमेडी का काजू।
वक्त के साथ साथ मैंने ये सीख लिया की हर चीज की हमेशा हैप्पी एंडिंग नहीं होती यार। वक्त के साथ साथ मैंने ये सीख लिया की हर चीज की हमेशा हैप्पी एंडिंग नहीं होती यार...
जब किस्मत साथ न हो तो क्या करिश्माई जादू देखूं ? जब किस्मत साथ न हो तो क्या करिश्माई जादू देखूं ?
भूल जाना था तो साथ फिर क्यूं खेले ये बिछड़ने का दर्द क्यूं हमें मिले भूल जाना था तो साथ फिर क्यूं खेले ये बिछड़ने का दर्द क्यूं हमें मिले
सिसकता रहता हूँ मैं तन्हा रात रात भर , सारी दुनिया बेख़बर चैन से जो सोती है । सिसकता रहता हूँ मैं तन्हा रात रात भर , सारी दुनिया बेख़बर चैन से जो सोती है ।
करते है,हम भलाई मिलती है,हमे बुराई। करते है,हम भलाई मिलती है,हमे बुराई।
आज जल दिवस जैसे जैसे गरमी वैसे ही बढ़ेगी जल की जरूरत। आज जल दिवस जैसे जैसे गरमी वैसे ही बढ़ेगी जल की जरूरत।
जैसे साँसें लेते हो जीवन के लिए क्या वैसे ही जरुरी हूँ मैं जीवन के लिए। जैसे साँसें लेते हो जीवन के लिए क्या वैसे ही जरुरी हूँ मैं जीवन के लिए।
झूठी शानवाले अपनी ग़लतियों पर पर्दा बड़ा रंग़ीन लगाते हैंं। झूठी शानवाले अपनी ग़लतियों पर पर्दा बड़ा रंग़ीन लगाते हैंं।