Sanjay Mehta - Bhopal
Drama
कुत्ता कुत्ते से
कुत्ते की तरह बात करता है।
बिल्ली बिल्ली से
बिल्ली की तरह बात करती है।
बकरा बकरे से
बकरे की तरह बात करता है।
शेर शेर से
शेर की तरह बात करता है।
आदमी आदमी से
आदमी की तरह नहीं बात करता।
शरीर
मौन
गांव
भेड़ बकरी
फाँसीवाद के ख...
आदमी
उज्जवल प्रकाश
रंगमंच
ज़हर
साधु
कहीं अधीरता से तो सरल काम भी होते नहीं जिसके हौसलों में जान, वो हार को समझे, कहीं अधीरता से तो सरल काम भी होते नहीं जिसके हौसलों में जान, वो हार को समझे,
पुत्र को पिता पहाड़ जैसे लगने लगता है ।। पुत्र को पिता पहाड़ जैसे लगने लगता है ।।
कश्ती मेरी समंदर से बिगड़ा करे हम किनारे पे पहरा दिए जा रहे है कश्ती मेरी समंदर से बिगड़ा करे हम किनारे पे पहरा दिए जा रहे है
भोली सी मुस्कान बन सबके अधरों पर छा जाऊँ l मन के किसी कोने में दबी ये अभिलाषा है l भोली सी मुस्कान बन सबके अधरों पर छा जाऊँ l मन के किसी कोने में दबी ये अभिलाषा...
टूटे हुए दिल को बस मयखाने में पनाह मिलती है यह वो सराय है जहाँ हर हारे हुए आशिक़ को जगह मिलती है...... टूटे हुए दिल को बस मयखाने में पनाह मिलती है यह वो सराय है जहाँ हर हारे हुए आशिक...
शरीर की चोट तो मरहम से दवाई से ठीक हो जाती है पर मन की चोट आत्मा की चोट शरीर की चोट तो मरहम से दवाई से ठीक हो जाती है पर मन की चोट आत्मा की ...
बातों को भूलकर मिल दिल से, मुझे मुंह मोड़ना नहीं है... बातों को भूलकर मिल दिल से, मुझे मुंह मोड़ना नहीं है...
फिर उस बात को मैं रेत पर लिखने लगा, फिर उस बात को मैं रेत पर लिखने लगा,
फिर उसी मोड़ पर हम मिलेंगे तुम्हें, गर मुमकिन हुआ, गर मुमकिन हुआ। फिर उसी मोड़ पर हम मिलेंगे तुम्हें, गर मुमकिन हुआ, गर मुमकिन हुआ।
दो दुकानदार यूं ही खुद में उलझ पड़े बे मतलब की बात पर आपस में लड़ पड़े दो दुकानदार यूं ही खुद में उलझ पड़े बे मतलब की बात पर आपस में लड़ पड़े
मेरे अंदर उफनता इक जुनून है, पागलपन है जो उड़ा कर ले जाते है मुझे हर पल मेरे अंदर उफनता इक जुनून है, पागलपन है जो उड़ा कर ले जाते है मुझे हर पल
सब मर जाता है खुद ही रोज़ होती है मुलाकातें जब सब मर जाता है खुद ही रोज़ होती है मुलाकातें जब
रिश्ता बनाए रखने के लिए प्रेम जरूरी है प्रेम जीवन का आधार है रिश्ता बनाए रखने के लिए प्रेम जरूरी है प्रेम जीवन का आधार है
पहला क़दम चला था मेरी उंगली पकड़कर पल भर में कमबख्त यार मेरा बड़ा हो गया। पहला क़दम चला था मेरी उंगली पकड़कर पल भर में कमबख्त यार मेरा बड़ा हो गया।
तुम्हें जाना है तो चले जाओ, मैं रोकूंगा नहीं, जाते वक़्त तुम्हें, मैं टोकूंगा भी नहीं तुम्हें जाना है तो चले जाओ, मैं रोकूंगा नहीं, जाते वक़्त तुम्हें, मैं टोकूंग...
जहां साफ सुरक्षित होता है पर्यावरण l वहाँ सुरक्षित रहता हर प्राणी का जीवन l जहां साफ सुरक्षित होता है पर्यावरण l वहाँ सुरक्षित रहता हर प्राणी का जीवन l
शोर मचा है भले ही दुनिया में, हम किसी से भी नहीं डरेंगे। शोर मचा है भले ही दुनिया में, हम किसी से भी नहीं डरेंगे।
वो अपना जी पत्थर कर लेते हे, जब सामने तुम्हारी तस्वीर हो। वो अपना जी पत्थर कर लेते हे, जब सामने तुम्हारी तस्वीर हो।
मेरे घर का गुलशन, सितारा है बेटी। सच में मिहीका है, बेटी मेरी ।। मेरे घर का गुलशन, सितारा है बेटी। सच में मिहीका है, बेटी मेरी ।।
भावनाएं उमड़ती है दर्द भी छलकता है अपनी पनाहों में ले भावनाओं और दर्द को विराम देना भावनाएं उमड़ती है दर्द भी छलकता है अपनी पनाहों में ले भावनाओं और दर्द को वि...