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Satish kushwaha

Drama

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Satish kushwaha

Drama

पिता-पुत्र की कहानी

पिता-पुत्र की कहानी

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जब पुत्र-पिता के बदौलत खाते हैं

तब उनकी सारी ख्वाहिशें पूरी की जाती है।।


जब पुत्र अपने बदौलत जीते हैं

तब उनकी सारी जरूरत ही पूरी हो पाती है ।।


जब पिता-पुत्र के बदौलत खाते हैं तब

पुत्र को पिता पहाड़ जैसे लगने लगता है ।।


 कड़वा है पर सच है।


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