STORYMIRROR

Rajiv R. Srivastava

Inspirational Others

2  

Rajiv R. Srivastava

Inspirational Others

श्रीगणेश..!!

श्रीगणेश..!!

1 min
154

हे विघ्न हर्ता, शंकर सुता, हे मंगलकारी गणेश।

शरण में लो, हरण करो, मेरे मन का हर क्लेश॥


क़दम हो हर, सद मार्गों पर, बाँटूँ ख़ुशियाँ अशेष।

मन में मेरे, ना कभी भरे, किसी से कोई भी द्वेष॥





Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational