STORYMIRROR

Sunil Gupta teacher

Abstract

4  

Sunil Gupta teacher

Abstract

श्री गणेश स्तुति

श्री गणेश स्तुति

1 min
396


बच्चों से गलती भई बब्बा,

  आगे और होएगी भी।

  तुम ना रूठो मेरे बब्बा,

 कसम तुम्हें माता जी की।।


बच्चे तो गलती करते हैं,

  तुमने ध्यान धरा क्यों जी।

 उनकी शैतानी से खुश तुम,

  गुस्सा क्यों भए बब्बा जी।।


सारे बच्चन तुम्हरे जग के,

  तुम हो सबके बब्बा जी।

  आंखें काय फिराईं तुमने,  

 आओ आंख मिलाओ जी।।


 मंगल देवा तुम्हरे होते,

  जग में घोर अमंगल जी‌

  आओ काटो सभी अमंगल,

 भक्तन करते जय जय जी।।


रूठे देवा जी खुश हो गए,

 भक्तों से बोले प्रभु जी।

 चिंता तुम ना कोई करना,

 जग का होगा मंगल जी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract