STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Fantasy Inspirational

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Fantasy Inspirational

श्रावण की पहली बारिश

श्रावण की पहली बारिश

1 min
252

श्रावण की पहली बारिश की रिमझिम बूंदें।

दूषित धरती को अपने पवित्र जल से धोती है।


जब देखो पहली बारिश की बूंदों को पुष्पों पर।

प्रतीत हो कि जैसे किसी माला के सच्चे मोती हैं।


तन की शुद्धता और हृदय की पवित्रता लाएं।

ये नवजीवन और नवसृजन का संकेत होती हैं।


पहली बारिश की गिरती बूंदें धधकती धरती पर।

धरती को शीतल करते हुये ऊष्मा को खोती हैं।


उमस भरी रातों को जागकर काटने वाली माएं।

दिन भर की थकन के बाद सुख चैन से सोती हैं।


सूखे खेत खलिहान में गिरती पहली बारिश की बूंदें।

नई उमंग, नई हरियाली के ढेर सारे स्वप्न संजोती हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract