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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

शक़्ल

शक़्ल

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ये जिंदगी भी अजब है, जिसे चाहते हैं वो मिलता ही नहीं है

जिसे नहीं चाहते है, वो परछाई सा पीछा छोड़ता ही नही है

ये जिंदगी भी गजब है,जिस आईने को हम देखते ही नहीं है

वो ही आईने हमारी इस सुहानी शक़्ल को भूलते ही नहीं है।



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