STORYMIRROR

सतविन्द्र कुमार राणा 'बाल'

Classics

3  

सतविन्द्र कुमार राणा 'बाल'

Classics

शब्द बाण

शब्द बाण

1 min
272


पावन गंगा से बड़ा, है किनका परिवेश

हरता सारे पाप जो, मिटा हृदय का क्लेश।


मिटा हृदय का क्लेश, बड़े पद पर बैठाता

करता भय से मुक्त, दंड का दम्भ मिटाता।।


सतविंदर हर दाग, मिटे पा इससे धावन

मिले जिसे सानिध्य, पतित वह होता पावन।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics