सतविन्द्र कुमार राणा 'बाल'
Drama
वक्त का विचार कर, त्योरी न चढ़ा
प्रेम का बढ़ाव कर, नफरत न बढ़ा
झूठ से बचा रहे, छोड़ न सच को
पाठ मन मुटाव का, हमको न पढ़ा।
शब्द बाण
जग भारत का यश...
नफरत न बढ़ा
जेबें भरने की...
दोहे
मुक्तक
दोहा
जहॉं बहे फिज़ा लेकर जज़्बात, वहॉं बसे इश्क हर सॉंस में...! जहॉं बहे फिज़ा लेकर जज़्बात, वहॉं बसे इश्क हर सॉंस में...!
इसलिए आँखों में आए अनचाहे आंसुओं को जतला देती थी माँ - कि कर न सकेंगे वह उसके घर में घर ! इसलिए आँखों में आए अनचाहे आंसुओं को जतला देती थी माँ - कि कर न सकेंगे वह उसके...
हम भी बह जाएंगे सागर की तलाश में हर गली, हर शहर पूछते जाएंगे आप की आस में कहीं से तो मिलेगा आपका अता... हम भी बह जाएंगे सागर की तलाश में हर गली, हर शहर पूछते जाएंगे आप की आस में कहीं स...
एक मुहब्बत की अधूरी ख़्वाहिश..... एक मुहब्बत की अधूरी ख़्वाहिश.....
प्रचंड सा कोई घाव लेकर, तुम समय की नाव लेकर, दौड़ पड़ना अकेले ही तुम क्षितिज की ओर..... प्रचंड सा कोई घाव लेकर, तुम समय की नाव लेकर, दौड़ पड़ना अकेले ही तुम क्षितिज की...
कौन कहता है मर्द को दर्द नहीं होता, गौर से देखिए, किसी कोने में छिपकर, सिसकियों के घूँट पीता है वो... कौन कहता है मर्द को दर्द नहीं होता, गौर से देखिए, किसी कोने में छिपकर, सिसकियो...
हाथों की लकीरें पढ़ना छोड़, अपनी तक़दीर अब तू खुद लिखेगा...! हाथों की लकीरें पढ़ना छोड़, अपनी तक़दीर अब तू खुद लिखेगा...!
भूल जाऊँगा तुमको आज और अभी से बस बीते हुए लम्हों का हिसाब तो दे दो ।। भूल जाऊँगा तुमको आज और अभी से बस बीते हुए लम्हों का हिसाब तो दे दो ।।
शैतान से देखो डर कर सब कर मेल रहे हैं । जीवन के पर्दे पर हम तुम खेल रहे हैं ।। शैतान से देखो डर कर सब कर मेल रहे हैं । जीवन के पर्दे पर हम तुम खेल रहे हैं ।...
प्रेम तुम्हारी मज़दूरी में मैं पागल - पागल खोया हूँ...! प्रेम तुम्हारी मज़दूरी में मैं पागल - पागल खोया हूँ...!
आँखों में बढ़ आई लाली का सड़कों पे बिखरी खून में तब्दिली का सिलसिला एक प्रलय के जल्द ही आने का पता दे... आँखों में बढ़ आई लाली का सड़कों पे बिखरी खून में तब्दिली का सिलसिला एक प्रलय के ज...
प्यार के वास्ते रब ने पैदा किया फिर ये नफ़रत, ये तकरार किसके लिए ? प्यार के वास्ते रब ने पैदा किया फिर ये नफ़रत, ये तकरार किसके लिए ?
दूजो के अंधियारे जीवन में, जो आशा का सूर्य उगाते हैं, वह ही मनुष्य इस जीवन में, नाम अमर कर जाते हैं.... दूजो के अंधियारे जीवन में, जो आशा का सूर्य उगाते हैं, वह ही मनुष्य इस जीवन में, ...
लोग पढेंगे ओर समझेंगे कुछ ज्ञान के वास्ते सही मिसाल मिलेगी जब बदलते रहेंगे रिश्ते। लोग पढेंगे ओर समझेंगे कुछ ज्ञान के वास्ते सही मिसाल मिलेगी जब बदलते रहेंगे रिश्त...
और दिल ने मुस्कुरा कर कहा - आज फिर से तुमने सपनों का एक महल खड़ा कर लिया था जिसकी नींव तुम्हारे ए... और दिल ने मुस्कुरा कर कहा - आज फिर से तुमने सपनों का एक महल खड़ा कर लिया था जि...
अभी जब तारीख देखी, तो ये खयाल आया, कितना वक़्त है बीत गया, क्या कुछ है खोया और क्या पाया...! अभी जब तारीख देखी, तो ये खयाल आया, कितना वक़्त है बीत गया, क्या कुछ है खोया और क...
जो उसने चाहा हो गया डर भी डरकर सो गया। ख्वाब था कब से अधूरा पलभर में पूरा हो गया। जो उसने चाहा हो गया डर भी डरकर सो गया। ख्वाब था कब से अधूरा पलभर में पूरा हो ...
छाती के पास कुछ जलने सा लगता है,मगर उस धुएँ को अंदर ही पीने के प्रयास में,आँखों में पानी भर आता है,ज... छाती के पास कुछ जलने सा लगता है,मगर उस धुएँ को अंदर ही पीने के प्रयास में,आँखों ...
मुझे तो लगा था, मेरा था, मेरा घर है वो, पर लोग कहते हैं, अब पाकिस्तान है वो...! मुझे तो लगा था, मेरा था, मेरा घर है वो, पर लोग कहते हैं, अब पाकिस्तान है वो...!
कभी घंटी तो कभी अज़ान कभी गीता तो कभी क़ुरान ऐसा मन अध्याय मिला...! कभी घंटी तो कभी अज़ान कभी गीता तो कभी क़ुरान ऐसा मन अध्याय मिला...!