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abhijit bhosale

Drama

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abhijit bhosale

Drama

पता नहीं

पता नहीं

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पता नहीं किस खोज में हैं

आज कल के लोग ?

ना जीनेका सबर है ना

मरने का असर है।


ना उस मुट्ठी भर रेत का मज़ा है

ना उन लहरों का सुकून है।

ये कैसी प्यास है जो

चाहकर भी न बुझ पाये ?


ना उम्मीद की भूख है

ना शिद्दत की तड़प है।

ना उन ख़्वाबों का ख़्वाब है ना

उन पलों को पालने का वक़्त है।


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