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Veena rani Sayal

Abstract

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Veena rani Sayal

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शायरी

शायरी

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।. फूल का कांटे के साथ गुलजार होता है

गम के सिसकते साज में 

प्यार का अंदाज होता है।


2. हम जो लिख बैठे अगर

 दुनिया कहे कोई राज है

क्या शेरो -शायरी साज पर प्यार ही आवाज है?


3. जिंदगी की राह में कई हमसफर मिले

पल भर भी कोई न रुका लेकिन मेरे लिए।


4. मिलन के संग जुदाई दे दी

वफा में दी बेवफाई

प्रीत की रीत बना के रब्बा

दे दी क्यों रुसवाई ।


5. यहां आशियाने में मेरे कोई क्यों पल रुके

बागे सदा भी यहां भूले से न रुके ।


6. उनकी बज्म से आ रही फिर वही झंकार

शानों पे उनके झुक रही हुसन वालों की कतार

यहां आशियाना जल गया मिले मिट्टी में जज्बात

फिर भी उनकी बज्म में झुक झुक करूं सलाम।


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