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Pandav Kumar

Abstract Romance

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Pandav Kumar

Abstract Romance

शायर की शायरी

शायर की शायरी

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फीकी पड़ जाए जब शायरी मेरी

अपनी अदाओं से जादू कर देना

जब बात बात में वो बात ना रहे

बस मुस्कुरा देना!


सुना ना पाऊं शायरी जब

आवाज मेरी बन जाना

जब पल पल की पलभर भी खबर ना रहे

बस पलटकर देख लेना!


लिख ना पाऊं शायरी अगर

शब्द मेरी बन जाना

जब वक़्त वक़्त पर वक़्त ना रहे

बस स्वप्न में आ जाना!


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