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Sumit. Malhotra

Abstract Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Action

सगी बहन नहीं।

सगी बहन नहीं।

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बचपन सभी का पसंदीदा सदा, 

बचपन हमें भी लगता है प्यारा। 

बस एक कमी बहुत खलती है, 

हमारी कोई सगी बहन नहीं थी। 


वो कमी अब शादी के बाद पूरी, 

घर आई मेरे परी सी बिटिया है। 

बिटिया मेरी बचपन से शरारती, 

जब-जब हँसी तो टेंशन दूर हुई। 


हमारी कोई सगी बहन नहीं थी, 

रक्षाबंधन के दिन कमी खलती। 

पास और दूर के रिश्तों में बहनें, 

कुछ राखी बांधती तो कुछ नहीं। 


बहुत ज़्यादा तकलीफ़ थी होती, 

सगी बहन की कमी हमें खलती। 

बहनें छोटी या बड़ी परंतु अपनी, 

ख़ुशी या ग़म में सदा साथ होती।


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