STORYMIRROR

Kamini sajal Soni

Inspirational

4  

Kamini sajal Soni

Inspirational

सड़कों का इंसान

सड़कों का इंसान

1 min
500

देखो कैसे जी रहा यह सड़कों का इंसान

देखो कैसे सो रहा यह सड़कों का इंसान


सर पर छत ना तन पर कपड़ा

खाने को रोटी ना है साजो सामान

फिर भी कितना खुश है

यह सड़कों का इंसान।


आज की सुध ना कल की चिंता

हर पल जीता मस्ती में

देखो कितना बेपरवाह है

यह सड़कों का इंसान।


तपे धूप में ठंड में ठिठुरे

भीगे फिर बरसात

फिर भी कितना है संतुष्ट

यह सड़कों का इंसान।


देख देख इसको लेते हैं

हम जीवन की प्रेरणा

थोड़ा बहुत कमी हो तो

जीवन से ना हारना


मेरी प्रेरणा स्त्रोत बन गया

यह सड़कों का इंसान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational