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Sameer Faridi

Romance

4  

Sameer Faridi

Romance

सच कह दें ?

सच कह दें ?

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तुम कह दो, तो हम सच कह दे,

सिर्फ तुमपे मरते है, सच कह दे?

कब तक बचाए, दीदार से ख़ुद को, सिर्फ तेरे मुरीद है, सच कह दे?

है बहाना कि, नींद कम आती है,

तेरी वज़ह से जगते है, सच कह दे?

सिर्फ तुमपे मरते है, सच कह दें?


ये फूल-सितारे, ताकता रहता हूँ, इनमें नज़र आते हो, सच कह दे?

रूह सा लाज़मी, साँस सा ज़रूरी,

तुम धड़कन बन गए हो, सच कह दे?

बिन तेरे एक लम्हा न जी सकेंगे,

अब तुम ज़रूरी हो, सच कह दे?

सिर्फ तुमपे मरते है, सच कह दे?


कहाँ याद रहता है किसी का,

पर तेरा नाम रटा है, सच कह दे?

भूल बैठा हूँ, बन्दगी के कलमें,

तुझमें रब दिखता है, सच कह दे?

ग़ुनाह-ए-अज़ीम है, कहना मगर,

सज़दे सर झुकता है, सच कह दे?

सिर्फ तुमपे मरते है, सच कह दे?


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