STORYMIRROR

Dr Mahima Singh

Classics

4  

Dr Mahima Singh

Classics

सच झूठ

सच झूठ

1 min
16

असत्य सभी को भा रहा,

 लुभा रहा 

सत्य पन्थ एकांत

पर अटल विश्वास से भरपूर।


उच्छृंखल असत्य पर, 

सत्य हमेशा शांत 

असत्य को मिलती क्षणिक विजय 

सत्य को मिलती जय और विजय

परन्तु कुछ देर से 

सत्य की विजय है सुनिश्चित


पलछिन सुख छल के साथ

अमिट छाप सत्य की 

घनघोर अंधियारे से भी झांके 

छुपा सकता ना कोय। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics