सब कुछ तो अच्छा था
सब कुछ तो अच्छा था
वो पल जो बीत गए पर याद आते है
याद हैं वो उसका मुकरना बिना बोले
ही सब कुछ बोल जाना याद है
याद है वो दिन जब सब कुछ अच्छा
चल रहा था, वो मेरे बिना मैं उसके
बिन न रह पाते थे, एक दूसरे को
देख कर दिन गुजर जाते थे
फिर एक दिन कुदरत ने कहर
बरसाया एक दिन फिर वो
मैसेज आया कि अब मैं
तुम्हारे साथ नहीं रह सकती
बिना वजह के चली गई मैसेज
आज भी याद आता है ना भुला
जाता है
हर मैसेज इनबॉक्स में
ओपन हो जाता है कसम से बहुत
परेशान कर जाता है
आज भी वो मैसेज याद आता है

