STORYMIRROR

Meera Raikwar

Romance

4  

Meera Raikwar

Romance

सावन आया पिया न आये मोरे अंगना

सावन आया पिया न आये मोरे अंगना

1 min
286


राह देखत कट जाये रतिया

बाती जलत दिन रात सवरियां


नख सिर सवारुं दिन रात सवरियां

 एक रात की प्यासी रैैन सवरियां


कह गए थेे तुम आऊंगा सावन घडियां

भूल गए तुम परदेस जाकर सवरियां


कोई गवो मेरे लिए मल्हार राग कडियां

आग लगाये सावन दिन रात सवरियां


अब सावन आयेगा जब तुम आओगे

नाचूंंगी गाऊंगी लग तोरे छाती सवरियां


आलिंगन में बांध श्याम मुख चूमूंगी

कर तोसेे बतियां रतिया बिताऊंगी सवरियां


न कहूूंगी सावन आया मोरे अंगना

पिया न आयेे मोरे अंगना।


         



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance