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Vishal Shukla

Romance

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Vishal Shukla

Romance

साथ तुम्हारा जीवन में

साथ तुम्हारा जीवन में

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बातें बहुत हैं करने को, वक़्त नहीं मिलता

हाल कैसा है मेरा, आपका दिल नहीं सुनता।

जब आप ही को हम अपनी ज़िंदगी बना बैठे

दिन है या रात हमें यह नहीं दिखता।


प्यार करते हैं हद से ज़्यादा कैसे यह समझाए

आपतो अपनी हो के गैर हो गए, कैसे आपको बतलाये।

डर कर लोगों से यह दनिया में जिया नहीं जाता

थम लो हाथ मेरा, फिर हम दुनिया को दिखलाये।


हर गलती की सज़ा मौत नहीं होती

बेवफाई किसी से बर्दाश्त नहीं होती।

माफ कर के गलतियों को पकड़ो मेरा दामन

ज़िन्दगी प्यार के सिवा कुछ और नहीं होती।


नाराज़ हो तुम और नाराज़ तो में भी हूँ

तुम गुस्से से हो और में प्यार से हूँ।

वक़्त है कम ज़िन्दगी में क्यों साथ छोड़े अपनों का

जहाँ तुम हो, तुम्हारे लिए मैं ही हूँ।


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