साहिल
साहिल
नदी बन के तुम, मुझे,
अपने साथ ले जाना,
साहिल पे अकेला,
मत छोड़ जाना,
मेरे होने का सबब,
तुम्हारे सपनों में, मिल, है जाना,
तुम जब सागर में मिलते,
अपने ख्वाबों को मुकम्मल होता देखो,
तो मुझे अपने आप से,
अलग मत कर जाना,
साहिल पे अकेला,
मत छोड़ जाना।।

