Krishna Khatri
Romance
कोयलिया कुहू-कुहू कूके
दादुर मोर पपीहा बोले
गुन-गुन-गुन गाए भंवरे
तुझको बुला रहा है दिल
सजनवा आके मिल !
आ गया रे मधुमास
लेकर संग अपने ऋतुराज
अब तो बार-बार तुझको
आवाज दे रहा है दिल
यही इल्तिजा ह...
जब तक मीठा न ...
फितरत !
जी भर के जी ल...
जी लेंगे हम द...
आंखों ने देखा...
खलिश !
अश्रु मेरे .....
मां तुम अमृता...
परछाई बन जाऊँगा मैं तेरे जिस्म की, मेरी होकर तू मुझे अपना बना दे। परछाई बन जाऊँगा मैं तेरे जिस्म की, मेरी होकर तू मुझे अपना बना दे।
जाओ घटाओ जाओ जाओ, विरहाग्नि न भड़काओ तुम। जाओ घटाओ जाओ जाओ, विरहाग्नि न भड़काओ तुम।
रात की गहराइयों से, निकलती है मुसीबतों की छाया, संगीत की बाँहों में, खो जाता है हर दुख रात की गहराइयों से, निकलती है मुसीबतों की छाया, संगीत की बाँहों में, खो जाता ...
तमस सकल जन हृदय का तुम, प्रिये! हर पल हरती हो। तमस सकल जन हृदय का तुम, प्रिये! हर पल हरती हो।
निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है! निक्टर प्रेमवासना की दिव्य कली है!
फासलों की कशिश से कहाँ मरती है प्रेम की चरम। फासलों की कशिश से कहाँ मरती है प्रेम की चरम।
राधिका रचाए रास कान्हा की याद में, निर्मोही हुए कान्हा सुध भी लेने ना आए। राधिका रचाए रास कान्हा की याद में, निर्मोही हुए कान्हा सुध भी लेने ना आए।
है वह नारी, जो सब पर भारी वो हम सबकी मां है प्यारी।। है वह नारी, जो सब पर भारी वो हम सबकी मां है प्यारी।।
तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने में। तुम और तुम्हारी यादें...क़ैद ही रहना चाहती हैं मेरे दिल के किसी अंधेरे कोने ...
वेदना अंतस में गहरी फिर भी अश्रु गा रहे हैं। वेदना अंतस में गहरी फिर भी अश्रु गा रहे हैं।
आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन है। आसमान की कहानी सुनो, मिलन का मौसम है। प्यार की राहों में, सुबह की पहली किरन ह...
मेरी कल्पनाओं से बढ़ कर हो तुम मेरे ख्वाबों को पूरा सिर्फ करती हो तुम। मेरी कल्पनाओं से बढ़ कर हो तुम मेरे ख्वाबों को पूरा सिर्फ करती हो तुम।
इस प्रेम को बस यूँही जीते जाया करो, जीते जाया करो, जीते जाया करो। इस प्रेम को बस यूँही जीते जाया करो, जीते जाया करो, जीते जाया करो।
मैं तो अब भी वही हूँ कशमकश भरे कदम रखते हुए, हाथों में मेघदूत पकड़े, भारी पलकों को थामे... मैं तो अब भी वही हूँ कशमकश भरे कदम रखते हुए, हाथों में मेघदूत पकड़े, ...
अब तो आ भी जाओ प्रिये तुम, भाता कोई और नहीं। अब तो आ भी जाओ प्रिये तुम, भाता कोई और नहीं।
वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता है वो आज भी ख्वाबों में आता है!! जगाकर नींद से, यादों के भँवर में फँसा जाता ह...
दिल की अलमारी में मिल गई, अहसासों की पुरानी किताब। दिल की अलमारी में मिल गई, अहसासों की पुरानी किताब।
ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स, ख़त लिख रहा हूं, जिंदगी विरान है। ख़त में भरता हूं अक्स,
प्यार कभी खोता नही और न ही अधूरा रहता। प्यार कभी खोता नही और न ही अधूरा रहता।
चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं। चलो हम-तुम फिर बैठ के सुबह की चाय एक साथ पीते हैं।