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AVINASH KUMAR

Romance

3  

AVINASH KUMAR

Romance

रोने को कंधा

रोने को कंधा

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मेरे सपने छीनने वाले 

दुआ है तुझे नींद भी ना आए,

भरी रहे महफिल चाहे जितनी 

रोने को कंधा भी ना मिले।


हकीकत यही अब भी है मेरी 

तू ही मेरा प्यार है,

सच सच बताना ऐ प्रिय

क्या मुझसे भी अच्छा तेरा यार है।


अगर मुझसे भी अच्छा तेरा यार है

तो सब मुझे स्वीकार है,

अगर ऐसा नहीं जानेमन

तो आज भी तेरा मुझपर अधिकार है।


मेरे सपने छीनने वाले

दुआ है तुझे नींद भी ना आए,

भरी रहे महफिल चाहे जितनी

रोने को कंधा भी ना मिले।


मुझे तेरा सबकुछ स्वीकार है

हा मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही इंतज़ार है।



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