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umesh kulkarni

Abstract Inspirational

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umesh kulkarni

Abstract Inspirational

रोज नया इम्तिहान ...

रोज नया इम्तिहान ...

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रोज नया इम्तिहान

अव्वल की ही मांग

चीटियों का कद

चोटियों की मांग


जिंदगी अजीब पहेली

सुलझन में सौ उलझन

अकेलों की भीड़

भीड़ का अकेलापन


सदियों से सदियों तक

सर्दी और गर्मी की बात

इस लम्बे सफर में

खाये कैसे कैसे मात


तेरा हर मसला

औरों का मसाला

फिर क्यों बनाता फिरे

औरों का घोंसला


कोयले की खान

हीरों की जान

सात सुरों की तान

सांस लेती नयी जान


मालिक की मेहर

साँसों की सेहर

गंगा की हर बूँद

चले सागर की ओर



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