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Seema(Simi) Chawla

Abstract

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Seema(Simi) Chawla

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रंग के संग

रंग के संग

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होली का दिन आए 

यह हमसे कुछ कह जाए

खेलो रंग के साथ इतना 

की अगले दिन खुद को ना पहचाने

पर यारों के बिना यह फीकी पड़ जाए 

इसी कारण हम यारियाँ बनाए

उन्हें पाटते रहे हम पूरा एक साल निकल जाए

अबके बरस तो हम जम के होली मनाएं ! 


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