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Sarvesh Saxena

Abstract Classics

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Sarvesh Saxena

Abstract Classics

रक्षाबंधन का त्योहार

रक्षाबंधन का त्योहार

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प्रेम के बंधन जुड़ जाते हैं, 

भाई बहन सब मिल जाते हैं, 

घर में आ जाती हैं खुशियां, 

बरसो बिछड़े मिल जाते हैं, 

ईश्वर ऐसे बढ़ता रहे, 


हम भाई बहन का प्यार, 

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार…

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार… 


जीवन में संघर्ष बहुत है, 

जिनसे हम को लड़ना है, 

हों ग़र दूर जो हम आपस में, 

दुखी न मन को करना है, 

दिल में सदा बसाये रखना, 


एक दूजे का प्यार, 

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार… 

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार… 


ये मेरे भाई का वादा है, 

सदा रहेगा मेरा बनकर, 

कभी जो आए दुख बहना पर, 

साथ सभी देंगे मिलकर, 

यूं ही खुशियां लेकर आए, 


जीवन में हर बार, 

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार… 

रक्षाबंधन का त्यौहार… 

है रक्षाबंधन का त्यौहार।


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