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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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रजीवलोचन

रजीवलोचन

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सुबह मद्धम रोशनी

लालिमा बेखरती

कलरव करते चलते पंछी

क्या कुछ


घटित हुआ

आह मन को प्रफुल्लित करता

यौवन की तरह प्रस्फुटित

कमल दल खिला।


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