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Sonam Kewat

Tragedy

3  

Sonam Kewat

Tragedy

रिश्तेदार

रिश्तेदार

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बहुत अपमान किया था मेरा 

गलती ये थी कि मेरे सपने बड़े थे 

हमें सफल होते देख नहीं सकते

तभी तो पैर खींचने को खड़े थे 


हम ख्वाब भी बड़ा देख ले तो 

समझो इतने में ही जल जाते हैं 

मेहनत तो हम करते हैं लेकिन

बात बात में वो मचल जाते हैं 


कुछ कर नहीं सकते अगर ये तो

बस लोगों के कान भर दिए जाते हैं 

फिर उन लोगों की बातों में आकर 

मां-बाप हमें ही गलत बताते हैं 


पीठ पीछे ये रहते गद्दार हैं

मुंह पर बनते बड़े वफादार हैं 

हर किसी की जिंदगी में मिलेंगे 

अरे भाई हां, ये वही रिश्तेदार है



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