रिश्ते
रिश्ते
हर किसी की यहाँ जोड़ियां हैं
रिश्ते सभी प्रेम की डोरियां हैं।
रक्त के मित्र के
स्वार्थ के चित्र के
समाज के देशी
नेह सूत्र पवित्र के
भावों की रिश्तों में शुद्ध झोरियां हैं
रिश्ते सभी...
राह के अभिव्यक्ति के
विश्वास के शक्ति के
रिश्ते सजते सभी हैं
आस्था की भक्ति के
आशा-विश्वास की चित्त बोरियां हैं
रिश्ते सभी..
साथ के सहारे के
द्वेष के इशारे के
रिश्ते सुख दुख संगी
जीवन के किनारे के
मोह भावना रिश्तों की लोरियां हैं
रिश्ते सभी..
