Zahiruddin Sahil
Drama
आज ही
देखा था तुम्हें
बस स्टॉप पे
यहीं कहीं
बरसों पहले
एक अनकहा रिश्ता
हाथ हिलाते हुए
विदा हुआ था !
सुबह
रंग ए वतन
भेज भइया को ब...
आशियाना
अमल
इशारों क...
बुलावा
पैगाम
आँगन
होने से
कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं। कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं।
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
हजारों बातें सुनना है इस घर की तुम बहु हो अब तुम्हें सब समझना है हजारों बातें सुनना है इस घर की तुम बहु हो अब तुम्हें सब समझना है
वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे। वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे।
किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा। किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा।
तेरे सवाल का बस इतना सा जवाब है, ना पहले से रहे हम तुम ना पहले जैसे अब हालात है।। तेरे सवाल का बस इतना सा जवाब है, ना पहले से रहे हम तुम ना पहले जैसे अब हालात...
साथ नहीं छोड़ेगे हम, मरते दम तक साथ निभायेंगे। साथ नहीं छोड़ेगे हम, मरते दम तक साथ निभायेंगे।
इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है इस बार सबको अनदेखा कर उनका हाथ थामना जिनको बस अपनों की तलाश है
संवाद करने भर के लिए स्त्री, क्यों आखिर शब्दावली तलाशती है. संवाद करने भर के लिए स्त्री, क्यों आखिर शब्दावली तलाशती है.
भीतर से आवाज आना हो गई बंद है प्रकाश पर आज लगे हुए तम कलंक है भीतर से आवाज आना हो गई बंद है प्रकाश पर आज लगे हुए तम कलंक है
क्यों रिश्तों को समझने सहेजने के बजाय अपना वर्चस्व चाहती है क्यों रिश्तों को समझने सहेजने के बजाय अपना वर्चस्व चाहती है
ना जाने क्या है जो मुझे जाने नहीं देता, एक एहसास है जो तुमसे दूर होने नहीं देता। ना जाने क्या है जो मुझे जाने नहीं देता, एक एहसास है जो तुमसे दूर होने नहीं द...
यातनाएं सही तन और मन पर गहरी पीड़ा सही, यातनाएं सही तन और मन पर गहरी पीड़ा सही,
चाहे कितना घनघोर अँधेरा छाया है कर्मवीरों ने अमावस को पूनम बनाया है। चाहे कितना घनघोर अँधेरा छाया है कर्मवीरों ने अमावस को पूनम बनाया है।
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
क्यूँकि वो नाजायज़ था क्यूँकि वो नाजायज़ था
जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से हो जाओगे जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से ह...
बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्तेदारियां बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्त...
मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया