STORYMIRROR

Alka Soni

Inspirational Others

4  

Alka Soni

Inspirational Others

राखी

राखी

1 min
130

गोटों से सजी राखी

सितारों से सजी राखी

चाँदी और सोने के

तारों से भी 

बिंधी थी राखी


हर किरदार को अपने 

अंदर समाती 

जा रही थी राखी

आधुनिकता की दौड़ में

अपनी महत्ता को 

बचाये रखी थी राखी


रक्षा हो भाई की

रक्षा हो देश की

रक्षा हो सृष्टि की

रक्षा हो सजग दृष्टि की

इसलिए तो मनाई

जा रही थी राखी


हर साल बेटियों को

बुलाती थी राखी

मायके की राह 

दिखाती थी राखी

स्त्री-पुरूष के बीच

बन सकता है एक 

पावन रिश्ता, इसकी

याद दिलाती थी राखी


राखी आएगी इस बार भी

अपने नियत समय पर

लेकिन मायके की राहों की

अब की याद नहीं

दिलाएगी राखी

मेंहदी की सुंगध से

सनकर हाथों में 

माना नहीं

बंध पाएगी राखी


धागा ही बन जायेगा

रक्षासूत्र भाई का

सजेगा बनकर राखी

वही कलाई का

जो जहां हैं मांग लेंगे

दुआ एक दूसरे के लिए

इस तरह निभाएंगे

वचन हम राखी का।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational