Alka Soni
Inspirational Others
मौन रहकर
अंतर में
लहू को एक
उबाल दे
भय दिखाती हो
अगर मृत्यु तो
भुजबल से
उसको
टाल दे
सुनाई देती हो
हाहाकार तो
जूझ कर तू
कदमों को
मिलाकर ताल दे
बधिरों से भरी
सभा में
ऊंची कर
आवाज़ तू
मरघटों की शांति में
एक बवाल दे।
बेरोजगार
राखी
शहर
ये कविताएं
मरघटों की शां...
अंतहीन प्रतीक...
अनोखा देश यह ...
फ़टी जेब
मानो या न मान...
* बौनी उड़ान *
इसे नहीं कुछ चाहिए, दे दो थोड़ा मान। कर देगी फिर आपके, कुल का ये कल्याण। इसे नहीं कुछ चाहिए, दे दो थोड़ा मान। कर देगी फिर आपके, कुल का ये कल्याण।
पेड़ लगाएं, जीवनदायी , हवा तभी तो हम पाएंगे । नहीं लगाए पेड़ अगर तो , बिना मौत ही मर जाएंगे पेड़ लगाएं, जीवनदायी , हवा तभी तो हम पाएंगे । नहीं लगाए पेड़ अगर तो , ब...
तुम धरती हो संसार धारी हो तुम एक शक्तिवान नारी हो तुम धरती हो संसार धारी हो तुम एक शक्तिवान नारी हो
ज़िन्दगी में सभी चाहते हैं, अपना मुकाम बनाना, कुछ कर जाना जहाँ में, अपने लक्ष्य को पा ज़िन्दगी में सभी चाहते हैं, अपना मुकाम बनाना, कुछ कर जाना जहाँ में, अपने लक्...
थी एक प्रणेता 'भारत छोड़ो' की आग का थी एक प्रणेता 'भारत छोड़ो' की आग का
हमारी माँ बहनों की ही कहानी है हमारी माँ बहनों की ही कहानी है
यूं ही नहीं लिए जाते जिंदगी में फैसले, फैसलों की ताकत तो जिंदगी बना देती है। यूं ही नहीं लिए जाते जिंदगी में फैसले, फैसलों की ताकत तो जिंदगी बना देती है।
न चाहिए हीरे मोती न चाहिए हीरे मोती
जीत लूँगी इस दुनिया को जीत लूँगी इस दुनिया को
हर घर में सौंदर्य प्रसाधान हो, पर दिल से सब खूबसूरत हो हर घर में सौंदर्य प्रसाधान हो, पर दिल से सब खूबसूरत हो
मैं नारी - नर- नारायणी,शिवि-शंकरी शिव-शक्ति हूँ ईशा,ईश्वरी-इष्ट ईर्ष ईश्वर की सुन्दर अ मैं नारी - नर- नारायणी,शिवि-शंकरी शिव-शक्ति हूँ ईशा,ईश्वरी-इष्ट ईर्ष ईश्वर की...
एक पुष्प अनेकों नाम भिन्न आकार भिन्न काम एक पुष्प अनेकों नाम भिन्न आकार भिन्न काम
मुझे बुखार हो जाने पर सारी रात जागते हुए तुम्हें देखा है! मुझे बुखार हो जाने पर सारी रात जागते हुए तुम्हें देखा है!
खुद पी के दुनिया रुपी ज़हर को, सबको अमृतपान वो करा जाती है। खुद पी के दुनिया रुपी ज़हर को, सबको अमृतपान वो करा जाती है।
गर न होते पेड़ जमीं पर कैसी होती धरती सारी प्रकृति का वजूद न होता हरियाली गुम हो जात गर न होते पेड़ जमीं पर कैसी होती धरती सारी प्रकृति का वजूद न होता हरिया...
सानिया मिर्जा फोगट बहने खेल में जीते जा रही है सानिया मिर्जा फोगट बहने खेल में जीते जा रही है
होकर के अनुशासित जग में अगर रहेंगे सुख पाएंगे । मंजिल तब कदमों में होगी , सुख के साग होकर के अनुशासित जग में अगर रहेंगे सुख पाएंगे । मंजिल तब कदमों में होगी , ...
जो चाहोगे हो जाएगा बस उम्मीद बनाये रखना जो चाहोगे हो जाएगा बस उम्मीद बनाये रखना
इंसानी मुखौटों में शैतान के चेहरे हैं शेरों की सभाओं पर कुत्तों के भी पहरे हैं इंसानी मुखौटों में शैतान के चेहरे हैं शेरों की सभाओं पर कुत्तों के भी पहरे है...
याद रखेगी यह दुनिया शहीदों की कुर्बानी को हर बुलंद जज्बे को उनके हर शौर्य भरी कहानी याद रखेगी यह दुनिया शहीदों की कुर्बानी को हर बुलंद जज्बे को उनके हर शौर...