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Saroj Garg

Romance

3  

Saroj Garg

Romance

राधा कृष्ण

राधा कृष्ण

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राधा की होली 

भर के अनुराग 

पिया में समाय


चारु चन्द्र की 

चंचल किरणे ही 

खेल रहीं हैं 


अम्बर और 

अम्बर तल में 

लहरा कर


रंग बहार 

फैकत है फुहार 

बादल बन


छायो बसंत 

खिले रंग बिरंग

लाल गुलाल 


वृन्दावन की 

होली है शाश्वत 

अंतर्मन में 


रास रचावे

कृष्ण गिरधारी

गोपियों संग।


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