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Saroj Garg

Romance

3  

Saroj Garg

Romance

राधा कृष्ण

राधा कृष्ण

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600

राधा की होली 

भर के अनुराग 

पिया में समाय


चारु चन्द्र की 

चंचल किरणे ही 

खेल रहीं हैं 


अम्बर और 

अम्बर तल में 

लहरा कर


रंग बहार 

फैकत है फुहार 

बादल बन


छायो बसंत 

खिले रंग बिरंग

लाल गुलाल 


वृन्दावन की 

होली है शाश्वत 

अंतर्मन में 


रास रचावे

कृष्ण गिरधारी

गोपियों संग।


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