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Saroj Garg

Inspirational

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Saroj Garg

Inspirational

माँ

माँ

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माँ ममता का रूप है, जाने सब संसार। 

माँ सी ममता कब मिले,माँ है सुख का सार ।।


काम करे दस हाथ के ,माँ दुर्गा का रूप। 

घर पर आँच न आ सके,बन जाती है भूप ।।


बच्चों की किलकारियाँ ,गूँजे घर परिवार। 

जीवन सबका स्वर्ग सा, सुखी हुआ संसार।।


एक तरफ आफिस चले, एक तरफ घरवार। 

शिकन कभी माथे नहीं , माने कभी न हार।।


आज सफल नारी पढ़े,घर में चलता रूल ।

दफ्तर भी सम्भालती ,चाहे बिछते शूल ।।


माँ है रचना ईश की,निर्मल गंगा धार ।

रोक सका कोई नहीं, चाहे पालनहार ।।


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