STORYMIRROR

Wakil Kumar Yadav

Inspirational

4  

Wakil Kumar Yadav

Inspirational

संघर्ष

संघर्ष

1 min
606

एक टहनी टूटकर पतवार बनती है 

एक चिंगारी दहक कर अंगार बनती है 


 मिट्टी जो रौंदी जाती है पैरों तले 

 वही एक दिन मीनार बनती है 


संघर्ष एक आग है जो तुम्हें पकाती है.

संघर्ष से भागो मत.. वरना कच्चे ही रह जाओगे..


और कच्चे घड़ों की कोई कीमत नहीं होती..

पक जाना बहुत ज़रूरी है..पको यानी संघर्ष करो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational