Wakil Kumar Yadav
Abstract
ज़िस्म का अलाव जलाकर
ज़िन्दगी जश्न मनाती है।
चिंगारियाँ कहाँ बुझती है
हसरतें तो राख में भी रह जाती है !
मानव घर में क...
संघर्ष
पुलिस खड़ी है...
मेहनत से उठा ...
तन्हा
ट्रंप का स्वा...
परिस्थितियां
जश्न
जिंदगी
इंकलाब लाना ह...
यह सुन समझ ले धरा के वासी, जन्म से कौन देश भूप अविनाशी। यह सुन समझ ले धरा के वासी, जन्म से कौन देश भूप अविनाशी।
सारी उमर एक धुंध में, चलता ही चला गया। सारी उमर एक धुंध में, चलता ही चला गया।
और बताओ देश के बुड़बक, जाति धर्म में बंटे हो कबतक। और बताओ देश के बुड़बक, जाति धर्म में बंटे हो कबतक।
मंजिल मुझे मिलती नहीं ख्वाहिश मेरी पूरी होती नहीं। मंजिल मुझे मिलती नहीं ख्वाहिश मेरी पूरी होती नहीं।
'साहिल' न लग सके सागर की कश्तियाँ इसलिए तूफान भी बुला रहा है वो। 'साहिल' न लग सके सागर की कश्तियाँ इसलिए तूफान भी बुला रहा है वो।
कौन पहचाने दर्द-ए-दिल को, दर्द तो दिल में हरदम रहता। कौन पहचाने दर्द-ए-दिल को, दर्द तो दिल में हरदम रहता।
हम जानते है मिथ्या तेरी चतुराई, अब न लौटेगी सत्ता तेरी प्रभुताई। हम जानते है मिथ्या तेरी चतुराई, अब न लौटेगी सत्ता तेरी प्रभुताई।
कलम, बंदूक और हल के सिपाहियों का सदा ही जय जय कार हैं। कलम, बंदूक और हल के सिपाहियों का सदा ही जय जय कार हैं।
जोश और स्फूर्ति का उबाल ला प्रसन्नता का आलम लाते, कभी अंधेरे से भी हमारा याराना बड़ा जोश और स्फूर्ति का उबाल ला प्रसन्नता का आलम लाते, कभी अंधेरे से भी हमारा यारा...
अब कब इन ख्वाहिशों की उड़ान मुकम्मल होगी। अब कब इन ख्वाहिशों की उड़ान मुकम्मल होगी।
किसी से कुछ मिले ना मिलें तमन्ना यही है, हम नाम अमर कर जाए जग में अपना..। किसी से कुछ मिले ना मिलें तमन्ना यही है, हम नाम अमर कर जाए जग में अपना..।
तेरी हर बात पत्थर की लकीर जैसी , तेरे चेहरे की सादगी सच्चे वकील जैसी। तेरी हर बात पत्थर की लकीर जैसी , तेरे चेहरे की सादगी सच्चे वकील जैसी।
है मंहगाई बड़ी फिर भी खर्च करता हूं, ना बचा पाता हूं पैसा मर्ज करता हूं। है मंहगाई बड़ी फिर भी खर्च करता हूं, ना बचा पाता हूं पैसा मर्ज करता हूं।
वो मायका याद आ रहा है ! वो आँगन याद आ रहा है। वो मायका याद आ रहा है ! वो आँगन याद आ रहा है।
*मुझ पर दोस्तों का प्यार,* *यूँ ही उधार रहने दो।* *मुझ पर दोस्तों का प्यार,* *यूँ ही उधार रहने दो।*
मति छनछन में दुखत जीवन दुखत जीवन कहत समय का फेर है। मति छनछन में दुखत जीवन दुखत जीवन कहत समय का फेर है।
एक सच्चाई है कैद झूठ के साए में कहीं। एक सच्चाई है कैद झूठ के साए में कहीं।
मातम दिल मेरा, पर इस कदर नहीं कि कोई शमशान। मातम दिल मेरा, पर इस कदर नहीं कि कोई शमशान।
चैटींग करके हर बात पूछने लग गये हैं। चैटींग करके हर बात पूछने लग गये हैं।
खाने में, डॉक्टर की पाबंदी है, BP में, कभी तेज़ी, कभी मन्दी है! खाने में, डॉक्टर की पाबंदी है, BP में, कभी तेज़ी, कभी मन्दी है!