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Payal Khanna

Abstract Classics

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Payal Khanna

Abstract Classics

प्यारा घर

प्यारा घर

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स्वर्ग का है दूसरा नाम प्यारा

सिर्फ चार दीवारों का ना होता है ढांचा

 प्यार , इज्जत का होता है भंडार वह न्यारा

 परिवार वालों का होता है वह अनमोल आशियाना


सुख दुख में होता है उसका भी सहारा

 हर किसी के लिए ही होता है वह बहुत प्यारा

 छोटे-बड़े से होता ना है उसकी सुंदरता का दिखावा

मिलजुल के रहे जहां सब वही तो है इसका काम न्यारा


 पीढ़ी दर पीढ़ी तक है उसका सहारा

 हर किसी के लिए है वह सबसे अनमोल सुनियारा

दिन से रात तक है उसके साथ जुड़ाव हमारा

कहीं भी जाएं यह मन पाय खुशी और चैन आकर यही दोबारा


 हर किसी ने होता है वह सपना सजाया

होय अरमान वह पूरा हर किसी का प्यारा

होता है वह हमारा घर यारा।।

होताा है वह हमारा घर यारा।।


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