प्यार से इश्क
प्यार से इश्क
तेरी नशीली आंखों की मस्तियाँ
लहराती ज़ुल्फों की अठखेलियां
चेहरे पर मासूमियत की अदा
सुर्ख़ लाल होंठो की रंगीनियां
गुलाबी गालों का रंग
और सब मिलकर बनी इस शराब में
हुआ हूँ मदहोश मैं, खामोश मैं
बैठ कर देखूं तुझे या छू कर महसूस करूं
तू ही बता कैसे तुझे रूह में अपनी भरूँ
खो दे होश जो भी देखे तुझे
दीवाना बन जाऊं मैं हो गर इजाजत मुझे
जी में आता है मेरे की भर लूं बाहों में तुझे
और तुझे मैं प्यार करुं सिर्फ तेरा दीदार करूं
फिर ये लगता है कि दूर से देखा करुं
और नज़रों में अपनी कैद करूं
प्यार केवल पाना नहीं प्यार में खोना भी है
प्यार एक पूजा भी है प्यार तो इबादत भी है
ये जरूरी है नहीं की प्यार को हासिल भी हो
प्यार में ये जरूरी है कि प्यार पाकीजा ही हो
प्यार में इज्जत भी हो प्यार में शिद्दत भी हो।

