STORYMIRROR

ritesh deo

Romance

4  

ritesh deo

Romance

प्यार से इश्क

प्यार से इश्क

1 min
342

तेरी नशीली आंखों की मस्तियाँ

लहराती ज़ुल्फों की अठखेलियां

चेहरे पर मासूमियत की अदा

सुर्ख़ लाल होंठो की रंगीनियां


गुलाबी गालों का रंग

और सब मिलकर बनी इस शराब में

हुआ हूँ मदहोश मैं, खामोश मैं

बैठ कर देखूं तुझे या छू कर महसूस करूं


तू ही बता कैसे तुझे रूह में अपनी भरूँ

खो दे होश जो भी देखे तुझे

दीवाना बन जाऊं मैं हो गर इजाजत मुझे

जी में आता है मेरे की भर लूं बाहों में तुझे

और तुझे मैं प्यार करुं सिर्फ तेरा दीदार करूं


फिर ये लगता है कि दूर से देखा करुं

और नज़रों में अपनी कैद करूं

प्यार केवल पाना नहीं प्यार में खोना भी है

प्यार एक पूजा भी है प्यार तो इबादत भी है

ये जरूरी है नहीं की प्यार को हासिल भी हो


प्यार में ये जरूरी है कि प्यार पाकीजा ही हो

प्यार में इज्जत भी हो प्यार में शिद्दत भी हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance