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D.N. Jha

Romance

4  

D.N. Jha

Romance

प्यार (कुंडलियां)

प्यार (कुंडलियां)

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किसने रोका है तुम्हें,कर लो मुझसे प्यार।

दूरी इतनी कम रखो,कर लो आंखें चार।।

कर लो आंखें चार, रहूॅं यादों में पागल।

चाहूं तुझको और,करूं ख्वाबों में घायल।।

किसे रखें पहचान,कौन लगते हैं अपने।

दिल से पूछो यार,तुम्हें रोका है किसने।।



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