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Dhan Pati Singh Kushwaha

Tragedy

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Tragedy

प्यार कीजै हर एक इंसान से

प्यार कीजै हर एक इंसान से

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कोटि आएं जो बाधा ,

पर न भूलें वो वादा,

करके आए हैं जो भगवान से।

इंसानियत की है ये मांग,

वैर भावों को त्याग,

प्यार कीजै हर एक इंसान से।


हर दिल की होती है चाह,

हो सुखमय जीवन की राह,

इच्छा होती सभी की दिल जान से।

हों कभी न ही क्रुद्ध,

आचरण रखिए शुद्ध,

प्यार कीजै हर एक इंसान से।


सीखें जीवन की कला,

करें सबका ही भला,

परिजन मानें सभी को दिलो जान से।

त्यागिए निज अहम्,

बांटें खुशियां हरदम,

प्यार कीजै हर एक इंसान से।


हों कभी न निराश,

प्रभु पर दृढ़ रख विश्वास,

सारी बाधा मिटेंगी वरदान से।

सतत् कीजै निज कर्म,

और कभी तजिए न धर्म,

प्यार कीजै हर एक इंसान से।


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