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Alpa Mehta

Romance

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Alpa Mehta

Romance

प्यार के साये मे पलजा..

प्यार के साये मे पलजा..

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इन प्यार के साये में

थोड़ा सा पल जा इन प्यार की लहरों में,

थोड़ा सा बह जा,

कहीं तिनका.. तिनका,

ना बिखर जाये तू

बेरुखी में कहीं खुद को खो न ले तू

आ मेरे उजाले में

तू खुद को रौशन कर जा,

इन प्यार के साये में थोड़ा सा पल जा।

इन प्यार की लहरों मे थोड़ा सा बह जा..


मौजों में भी है मस्ती

कागज़ की है ये कश्ती,

कहीं टुकडे़ टुकडे़ हो जाये

न तुफानो मे बिखर जाये

आ मेरी पनाह में तू

तेरी कश्ती को किनारा दे जा

आ समालूं तुझको

इन बाहों के घेरे में,

न रहे थोड़ा भी तू तुझ में बाकी...

आज मैं बन जाऊं तेरी साकी,

चैन ले ले आज तू

आज तेरी हर हसरत को अंजाम देजा

इन प्यार के साये मे थोड़ा सा पलजा

इन प्यार की लहरों मे थोड़ा सा बह जा..।



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