STORYMIRROR

Alpa Mehta

Romance

2  

Alpa Mehta

Romance

साँवरिया..

साँवरिया..

1 min
243


रंग लगाकर चला गया

सांवरिया दिल चुरा ले गया

मन मोह लिया

दिल चुरा ले गया

मेरे दिल मे हज़ारों रंग भर गया,

साँवरिया रंग लगाकर चला गया।

प्रीत उनकी छोड़ गया

मेरे रोम रोम में बस गया,

पूछे सखी मेरी

क्या ये रोग तुझे लगा गया

मैं क्या बोलूं मैं क्या जानू

मेरी लाज ने मुझको मार दिया।

 





Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance