Vijay Kumar parashar "साखी"
Romance
ये वो दीपक है जो कभी बुझता नहीं है
हर आंधी,हर तूफां में ये कभी रोता नहीं है
कहते है हम इसको साखी चराग़ ए मोहब्बत
ये वो दीपक है,हर किसी दिल मे जलता नहीं है।
"साईकिल मितव्...
दिलों जल रही ...
"गोवंश पर अत्...
"चमत्कार"
"दौर मुफ़लिसी ...
"दुआ-बद्दुआ,
"आंटा-सांटा"
"सिंदूर"
"बरसात"
ले आए तुम प्रेम प्रस्ताव, क्या इसमें है बाँधने का स्वभाव? ले आए तुम प्रेम प्रस्ताव, क्या इसमें है बाँधने का स्वभाव?
इश्क दरिया आग का है न लगाओ जान बाज़ी इश्क दरिया आग का है न लगाओ जान बाज़ी
ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को। ऐ दिलरुबा तुम समझती क्यों नहीं मेरे इस दिले जज़्बात को।
वक्त का है क्या... और ये वक़्त सदा नहीं रहेगा! वक्त का है क्या... और ये वक़्त सदा नहीं रहेगा!
माँग लेते हैं तुझसे तस्वीर तेरी , जब तलब तेरी लग जाती है , पता नहीं ये क्या है सच में। माँग लेते हैं तुझसे तस्वीर तेरी , जब तलब तेरी लग जाती है , पता नहीं ये क्या है...
न हो रूह से वास्ता तो रुसवा न किया करो, किसी के हसीं ख्वाबों का कत्ल न कीजिए ! न हो रूह से वास्ता तो रुसवा न किया करो, किसी के हसीं ख्वाबों का कत्ल न कीजिए ...
अजीब कशमकश में कस देता है, कस कस कर दिल को, चकनाचूर कर देता है, अजीब कशमकश में कस देता है, कस कस कर दिल को, चकनाचूर कर देता है,
मन के कागज़ की कुछ हिस्से पर दर्द की स्याही ने लिखी है कुछ नज्में। मन के कागज़ की कुछ हिस्से पर दर्द की स्याही ने लिखी है कुछ नज्में।
दिल में कसक हैं मिलने से आँखें चुराती हो , मेरे हाल चाल भी तुम रकीब से पुछवाती हो! दिल में कसक हैं मिलने से आँखें चुराती हो , मेरे हाल चाल भी तुम रकीब से पुछवात...
ट्रेन में मुझको मिली थी एकदम अनजान वो। काली जुल्फे गोरा चेहरा जन्नतों की शान वो। ट्रेन में मुझको मिली थी एकदम अनजान वो। काली जुल्फे गोरा चेहरा जन्नतों की शान...
आंखों का काजल कहीं धुल ना जाए। क्यों तुम्हारी आंखों में आंसू भर आए? आंखों का काजल कहीं धुल ना जाए। क्यों तुम्हारी आंखों में आंसू भर आए?
मेरे दर्द का तेरे दिल में ,अहसास ही तो है, जिंदा रहने को तेरा एतबार ही काफी है। मेरे दर्द का तेरे दिल में ,अहसास ही तो है, जिंदा रहने को तेरा एतबार ही काफी ह...
बस प्रार्थना इतनी सी है प्रार्थना कामना ना बन जाए। बस प्रार्थना इतनी सी है प्रार्थना कामना ना बन जाए।
कोमलता से छू दिल बहलाए, चंचलता जीवन राह दिखाए। कोमलता से छू दिल बहलाए, चंचलता जीवन राह दिखाए।
सावन में तेरे इंतजार में महबूब को तड़पते देखा है। सावन में तेरे इंतजार में महबूब को तड़पते देखा है।
प्यासे चातक सी तड़प मिल के बुझाओ सजन , जेठ मास की धरा सा तप रहा तुझ बिन प्यासा बदन! प्यासे चातक सी तड़प मिल के बुझाओ सजन , जेठ मास की धरा सा तप रहा तुझ बिन प्यासा...
मन आज भी कहता है खतावार तुम्हें, पर यह बात तुम्हें बताऊं कैसे? मन आज भी कहता है खतावार तुम्हें, पर यह बात तुम्हें बताऊं कैसे?
जीते जी नहीं तो मरने के बाद ही सही, मंजिल मेरी मुझे तुम ही दिखाना। जीते जी नहीं तो मरने के बाद ही सही, मंजिल मेरी मुझे तुम ही दिखाना।
हम तेरे आग़ोश बिन जिन्दा नहीं रह पाएंगे, जिन्दगी का हर लम्हा तेरी बांहों में बिताएंगे! हम तेरे आग़ोश बिन जिन्दा नहीं रह पाएंगे, जिन्दगी का हर लम्हा तेरी बांहों में ब...
लो फिर ये बैरी बरसात आ गई जो भुला चुके थे हम फिर तेरी वो याद आ गई। लो फिर ये बैरी बरसात आ गई जो भुला चुके थे हम फिर तेरी वो याद आ गई।