Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

S Ram Verma

Romance


2  

S Ram Verma

Romance


पूर्णविराम

पूर्णविराम

1 min 310 1 min 310

मैं रोज़ अपने 

भावों को लफ़्ज़ों 

की शक्ल देकर 

एक एक लफ़्ज़ों को 

व्यवस्थित क्रम में 

सजाने की कोशिश 

मात्र करता हूँ


कविता बनती 

भी है की नहीं

मुझे नहीं पता 

पर जब लफ्ज़ 

मुझे सजे हुए  

दिखाई देते है  


तब उनमें तुम 

मुस्कराती हुई

मुझे दिखाई देती हो 

और मैं तुझे यूँ 

मुस्कुराते हुए  

देखते ही उसमे 

पूर्णविराम 

लगा देता हूँ ! 



Rate this content
Log in

More hindi poem from S Ram Verma

Similar hindi poem from Romance